Friday, 16 November 2018
असमंजस
अक्सर हम लोग कहते हैं कि कर्म भाग्य से बड़ा होता है
पर आप कर्म भी उतना ही करते हैं जितना भाग्य में लिखा रहता है
किसी का बुरा मत करो लोग तो यह भी बताते
पर बुरा वही करते हैं जो यह मार्ग सुझातसुझाते है
गुजरी किस पर क्या यह कौन जाने
समझदार वही जो सही गलत पहचाने
अब कौन किसकी मानता है
गुजरी है जिस पर वही जानता है
मार्ग तो हर कोई बता देता है
पर चले कैसे यहीं दगा देता है
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